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पेट के अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚
यहां हम उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन पेट में अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव या उनके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही हम यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर देते हैं कि यहां बताठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ को किसी à¤à¥€ पेट में अलà¥à¤¸à¤° का डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ इलाज न समà¤à¥‡à¤‚। यह समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° न हो इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ इलाज को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दें और उसके साथ यहां बताठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को डाइट में शामिल करें।
1. फूलगोà¤à¥€
फूलगोà¤à¥€ का उपयोग अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में किया जा सकता है। इस विषय से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• शोध में बताया गया है कि फूलगोà¤à¥€ में इंडोल-3-कारà¥à¤¬à¤¿à¤¨à¥‹à¤² नामक फाइटोकेमिकल मौजूद होता है जो à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° गतिविधि पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है (2)। इसका यह गà¥à¤£ अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में बचाव कर सकता है।
वहीं, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित शोध की मानें तो पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में फूल गोà¤à¥€ का सेवन कर तो सकते हैं, लेकिन सावधानी के साथ सेवन किया जाना चाहिठ(3)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में फूलगोà¤à¥€ का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, इसमें सावधानी के बारे में à¤à¥€ कहा गया, इसलिठबेहतर है कि अलà¥à¤¸à¤° के दौरान इसके सेवन से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह ली जाà¤à¥¤ वहीं, अलà¥à¤¸à¤° के जोखिम को कम करने के लिठफूलगोà¤à¥€ को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
2. पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€
पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव में मदद कर सकता है। दरअसल, पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ के जूस में à¤à¤‚टीपेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° गà¥à¤£ मौजूद होते हैं, जो अलà¥à¤¸à¤° के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठअलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित जानवरों को पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ के जूस का सेवन कराया गया। फिर पाया गया कि पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ का रस पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° के तेजी से उपचार में मदद कर सकता है (4)।
वहीं, फूलगोà¤à¥€ की तरह ही पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ को à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में सावधानी के साथ सेवन करने की सलाह दी जाती है (3)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहा जा सकता है कि अलà¥à¤¸à¤° से बचाव के लिठपतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ का सेवन कर सकते हैं। वहीं, अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इसके सेवन से पहले इसकी मातà¥à¤°à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ और सावधानियों की जानकारी के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले लें।
3. मूली
अलà¥à¤¸à¤° डाइट चारà¥à¤Ÿ में मूली को शामिल करना à¤à¥€ फायदेमंद हो सकता है। à¤à¤• रिसरà¥à¤š में इस बात की जानकारी मिलती है कि मूली में à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ मौजूद होते हैं, जो शराब के अधिक सेवन से होने वाले गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° के उपचार में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साबित हो सकते हैं (5)। à¤à¤¸à¥‡ में दवा के साथ-साथ अलà¥à¤¸à¤° के लिठआहार में मूली का उपयोग लाà¤à¤•ारी माना जा सकता है।
4. सेब
पेट के अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने के लिठसेब का सेवन करना à¤à¥€ फायदेमंद माना जा सकता है। बता दें कि सेब पॉलीफेनॉलà¥à¤¸ से समृदà¥à¤§ होता है, जो à¤à¤• बेहतरीन à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के रूप में कारà¥à¤¯ कर सकता है। इसके अलावा, सेब में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ होता है, जो à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ की दवा के वजह से होने वाले गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° को कम कर सकता है।
यही नहीं, सेब में à¤à¤‚टी हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ होते हैं, जो हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी (Helicobacter pylori) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ने में मदद कर सकते हैं। बता दें कि यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का à¤à¤• कारण माना जाता है (6)।
5. बà¥à¤²à¥‚बेरी
अलà¥à¤¸à¤° के उपचार के लिठबà¥à¤²à¥‚बेरी का à¤à¥€ सेवन किया जा सकता है। ‘पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° के घरेलू उपचार’ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• जानकारी में बताया गया है कि बà¥à¤²à¥‚बेरी पॉलीफेनोल नामक à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से समृदà¥à¤§ होता है, जो अलà¥à¤¸à¤° से बचाव करने में और अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में होने वाले घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ या कम करने में मदद कर सकते हैं (7)।
इसके अलावा, बà¥à¤²à¥‚बेरी और उसके अरà¥à¤• में हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है (8)। जैसा कि हमने लेख में बताया है कि हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अलà¥à¤¸à¤° का à¤à¤• जोखिम कारक माना गया है (1)। इस आधार पर अलà¥à¤¸à¤° के लिठआहार में बà¥à¤²à¥‚बेरी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
6. रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित शोध की मानें तो रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ फल के साथ-साथ उसके रस और अरà¥à¤• सà¤à¥€ में हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को फैलने से रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है (8)। à¤à¤¸à¥‡ में यह माना जा सकता है कि अलà¥à¤¸à¤° से बचाव के लिठरासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ का सेवन करना à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
7. बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी à¤à¥€ बेहद गà¥à¤£à¤•ारी फल माना जाता है। इसपर हà¥à¤ à¤à¤• शोध से जानकारी मिलती है कि बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी का उपयोग अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठकिया जाता रहा है (9)। दरअसल, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित शोध की मानें तो बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी और उसके अरà¥à¤• दोनों में ही हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है (8)।
वहीं, लेख में हम यह बता ही चà¥à¤•े हैं कि हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना गया है (1)। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी का उपयोग अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठफायदेमंद माना जा सकता है।
8. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ खाने में जितनी सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ होती है, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ उतनी ही लाà¤à¤•ारी मानी जाती है। इन लाà¤à¥‹à¤‚ में अलà¥à¤¸à¤° से बचाव à¤à¥€ शामिल है। दरअसल, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ में अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ फल के अलावा, उसका रस और अरà¥à¤• à¤à¥€ इस बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने में मदद कर सकता है (8)। यही वजह है कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ को अलà¥à¤¸à¤° डाइट में शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª माना जा सकता है।
9. चेरी
अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में चेरी के सेवन की à¤à¥€ सलाह दी जा सकती है। इससे संबंधित à¤à¤• रिसरà¥à¤š से जानकारी मिलती है कि चेरी फल में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ और à¤à¤‚थोसायनिडिन à¤à¤µà¤‚ रेसà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² जैसे à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट मौजूद होते हैं, जो अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (10)। इस आधार पर अलà¥à¤¸à¤° डाइट में चेरी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
10. शिमला मिरà¥à¤š
अलà¥à¤¸à¤° डाइट के रूप में शिमला मिरà¥à¤š का à¤à¥€ सेवन किया जा सकता है। इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• शोध से जानकारी मिलती है कि शिमला मिरà¥à¤š में मौजूद कैपà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¨ à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है। साथ ही यह पेट के अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के खिलाफ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी हो सकता है (11)।
वहीं, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर मौजूद à¤à¤• रिसरà¥à¤š में लाल शिमला मिरà¥à¤š को अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में सावधानी के साथ खाठजाने वाली खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की लिसà¥à¤Ÿ में शामिल किया गया है (3)। इन तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इसके जवाब के रूप में सावधानीपूरà¥à¤µà¤• शिमला मिरà¥à¤š के सेवन की सलाह दी जा सकती है। अगर मन में दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर लें।
11. गाजर
मूली की तरह गाजर का सेवन à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। बताया जाता है कि शराब के अधिक सेवन से होने वाले गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में गाजर में मौजूद à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी रूप से काम कर सकते हैं (5)। इसके अलावा, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध में बताया गया है कि गाजर का अरà¥à¤• à¤à¥€ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° से बचाव में मददगार साबित हो सकता है (12)।
12. बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली का उपयोग कई पà¥à¤°à¤•ार के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के लिठकिया जाता है। इन लाà¤à¥‹à¤‚ में अलà¥à¤¸à¤° से बचाव à¤à¥€ शामिल है। इस बात की जानकारी बà¥à¤°à¥‹à¤•ली के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ पर हà¥à¤ à¤à¤• शोध से मिलती है। इस शोध में बताया गया है कि बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली दोनों में ही सलà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨ मौजूद होता है, जो पेट के अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (13)।
हालांकि, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध में अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान सावधानी के साथ बà¥à¤°à¥‹à¤•ली के सेवन की सलाह à¤à¥€ दी गई है (3)। इस आधार पर गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इस सवाल के जवाब के रूप में सावधानी के साथ बà¥à¤°à¥‹à¤•ली के सेवन की सिफारिश की जा सकती है।
13. हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€
पेट के अलà¥à¤¸à¤° के लिठडाइट में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€, जैसे – पालक, केल आदि को शामिल किया जा सकता है (3)। बताया जाता है कि पालक में à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° गà¥à¤£ मौजूद होते हैं, जो अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं (14)।
इसके अलावा, केल के पतà¥à¤¤à¥‡ का सेवन à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाà¤à¤•ारी माना जा सकता है। दरअसल, केल के पतà¥à¤¤à¥‡ में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‰à¤¯à¤¡à¥à¤¸ और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤²à¥à¤¸ नामक दो फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ होते हैं, जो à¤à¤‚टी अलà¥à¤¸à¤° गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने के लिठजाने जाते हैं (15)।
14. पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फूडà¥à¤¸
पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ को à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी माना जा सकता है। बताया जाता है कि पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को कम कर अलà¥à¤¸à¤° के उपचार में सहायक हो सकते हैं (3)। यहां हम कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फूडà¥à¤¸ के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाà¤à¤•ारी माना जाता है:
दही – जैसा कि हमने लेख में बताया कि हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना जाता है (1)। वहीं, दही में इस बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है (16)। यही वजह है कि अलà¥à¤¸à¤° के लिठआहार में दही के उपयोग की सलाह दी जाती है।
केफिर – à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध की मानें तो केफिर में à¤à¥€ हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है (15)। बता दें कि केफिर दूध को किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ करके बनाया जाता है। यह देखने में दही जैसा ही लगता है।
मिसो – मिसो, सोयाबीन को किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ करके बनाया जाता है। इस पर हà¥à¤ शोध से पता चलता है कि गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° से बचाव के लिठइसका सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है (17)। इस आधार पर अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इस सवाल के जवाब के रूप में मिसो के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
सॉवरकà¥à¤°à¥‰à¤Ÿ – सॉवरकà¥à¤°à¥‰à¤Ÿ (Sauerkraut), पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ को किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ करके बनाया जाता है। इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• रिसरà¥à¤š से जानकारी मिलती है कि सॉवरकà¥à¤°à¥‰à¤Ÿ में à¤à¤‚टी-हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° गतिविधि मौजूद होती है, जो हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (15)। इस आधार पर अलà¥à¤¸à¤° डाइट चारà¥à¤Ÿ में सॉवरकà¥à¤°à¥‰à¤Ÿ को à¤à¥€ शामिल करने की सलाह दी जा सकती है।
कोमà¥à¤¬à¥à¤šà¤¾ टी : कोमà¥à¤¬à¥à¤šà¤¾ चाय की बात करें तो इसमें à¤à¥€ हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के विकास को रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। वहीं, इसके पीछे इसके à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराया जा सकता है। यही नहीं, इस पर हà¥à¤ शोध में यह à¤à¥€ बताया गया है कि इस चाय में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के खिलाफ हीलिंग गà¥à¤£ à¤à¥€ मौजूद होते हैं। यह अलà¥à¤¸à¤° के घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद कर सकता है (18)। à¤à¤¸à¥‡ में पेट के अलà¥à¤¸à¤° के लिठडाइट में कोमà¥à¤¬à¥à¤šà¤¾ चाय को à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है।
15. ऑलिव ऑयल
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठऑलिव के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² को à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी माना गया है। दरअसल, इसमें à¤à¤¸à¥‡ कई फेनोलिक कंपाउंड होते हैं, जो सेहत के लिठफायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनमें पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव à¤à¥€ शामिल है। इस बारे में à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर à¤à¤• शोध पà¥à¤°à¤•ाशित है, जिसमें बताया गया है कि ऑलिव ऑयल पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के खिलाफ मजबूती से लड़ सकता है (19)। हालांकि, इस विषय में अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
16. शहद
अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इस सवाल की लिसà¥à¤Ÿ में शहद को à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है। बता दें कि शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद होते हैं, जो पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ने में मदद कर सकता है (20)।
इसके अलावा, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध में मनà¥à¤•ा शहद में मौजूद फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ को à¤à¥€ à¤à¤‚टी-अलà¥à¤¸à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤£ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° माना गया है, जो अलà¥à¤¸à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव कर सकता है (21)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि शहद का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अलà¥à¤¸à¤° डाइट के रूप में किया जा सकता है।
17. लहसà¥à¤¨
पेट के अलà¥à¤¸à¤° के लिठलहसà¥à¤¨ का सेवन à¤à¥€ फायदेमंद साबित हो सकता है। पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° के उपचार में हरà¥à¤¬à¤² दवाइयों के उपयोग पर हà¥à¤ à¤à¤• शोध में बताया गया है कि लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद होते हैं, जो हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (22)। वहीं, लेख में हम बता ही चà¥à¤•े हैं कि हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना गया है।
18. डिकैफिनेटेड गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
पेट के अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इस सवाल के जवाब में गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी के सेवन की à¤à¥€ सलाह दी जा सकती है। इस बारे में à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर à¤à¤• शोध पà¥à¤°à¤•ाशित है, जिसमें यह बताया गया है कि डिकैफिनेटेड गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में à¤à¤ªà¤¿à¤—ैलोकैटेचिन गैलेट नामक पॉलीफेनोल मौजूद होता है, जो à¤à¤‚टी-अलà¥à¤¸à¤° गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने के लिठजाना जाता है (23)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहना गलत नहीं होगा कि अलà¥à¤¸à¤° के लिठआहार की लिसà¥à¤Ÿ में सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में डिकैफिनेटेड गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
19. मà¥à¤²à¥‡à¤ ी
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ रिसरà¥à¤š की मानें तो मà¥à¤²à¥‡à¤ ी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ अलà¥à¤¸à¤° के लिठउपयोगी साबित हो सकता है। बताया जाता है कि मà¥à¤²à¥‡à¤ ी पेट के बलगम के सà¥à¤°à¤¾à¤µ को बढ़ा सकती है। इससे अलà¥à¤¸à¤° को बनने से रोकने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, मà¥à¤²à¥‡à¤ ी में à¤à¤‚टी हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पाया गया है, जो अलà¥à¤¸à¤° का कारण बनने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है (24)।
20. हलà¥à¤¦à¥€
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठतो हलà¥à¤¦à¥€ के फायदे हैं ही इसके अलावा, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ यह गà¥à¤£à¤•ारी माना जाता है। वजह है इसमें मौजूद करकà¥à¤¯à¥‚मिन नामक कंपाउंड, जो कई पà¥à¤°à¤•ार के औषधीय गà¥à¤£ से समृदà¥à¤§ होता है। इसमें à¤à¤‚टी-अलà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ शामिल है। इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध से होती है (25)। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, इस सवाल के जवाब में हलà¥à¤¦à¥€ के उपयोग की सिफारिश की जा सकती है।
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